हृदय योजना 2015 {HRIDAY YOJANA}

{HRIDAY YOJANA} हृदय योजना 2015

:-Heritage City development and augmentation Yojana-:

(✓HRIDAY YOJANA)(हृदय योजना 2015)

Heritage City e development and augmentation Yojana (विरासत शहर विकास और वृद्धि योजना):- यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लांच की गई थी हृदय योजना 21 January 2015 को उस समय के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लांच की गई थी जिसे अब तक 6 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं 

केंद्र सरकार द्वारा लांच की गई इस योजना का बजट 500 करोड़ रुपए जो लगभग 70 मिलियन यूएस डॉलर के बराबर रखा गया है 

तथा यह योजना 21 जनवरी 2015 से अब तक यथावत चलती आ रही है

हृदय योजना के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी

Yojana हृदय योजना 2015

Launch year:- 2015

उद्देश्य :- शहरी  नियोजन 

Launched by:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 

मंत्रालय :- आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा

Launched :- 21 jan 2015 ; something 6 year ago 

भारतीय केंद्र सरकार द्वारा भारत के कुछ  प्रमुख शहरों को “हृदय योजना” (हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड ऑग्मेंटेशन योजना ) – 2015 के तहत उनके विकास एवं डेवलपमेंट के लिए भारत के केंद्र सरकार द्वारा योजना चलाई गई है जिसका उद्देश्य यह है की भारत में कुछ शहर जो अपनी प्राचीनता की विशेषता के कारण प्रसिद्ध है जिनके विकास और डेवलपमेंट के लिए ताकि उन्हें स्वच्छ और स्मार्ट तरीके से और उनके रखरखाव और पर्यटक दृष्टि से सुधार करने के लिए इस योजना का आरंभ किया गया है

राष्ट्रीय विरासत शहर एवं विकास विभाग ” हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड ऑग्मेंटेशन योजना” इस योजना के लिए भारत सरकार का मुख्य उद्देश्य इस विषय पर अधिक से अधिक बढ़कर रहा  है की पुराने शहर और इनके विकास एवं रखरखाव को बेहतर बनाना है जिससे इनको आकर्षण की दृष्टि से एवं आवागमन की सुविधा अनुसार उनका अच्छे से रखरखाव रहे और उनको बढ़ावा मिले 

केंद्र सरकार का उद्देश्य यह है कि कुछ शहरों को विशेष सुविधा देखकर उनके विरासत स्थलों  को एवं उनकी व्यवस्थाओं को सुधारा जा सके जिससे कि वहां के प्रशासन  एवं व्यवस्थाओं में सुधार हो सके तथा वहां के विरासत स्थलों का अच्छे से रखरखाव हो सके जिससे वहां के पर्यटन को एवं दार्शनिक स्थलों को बढ़ावा मिल सके

HRIDAY योजना( हृदय योजना 2015)प्रोजेक्ट में इंडिया के प्राचीन शहरों को विकास एवं  संरक्षण की दृष्टि से इस योजना के अंतर्गत डेवलप करने की प्लानिंग सरकार द्वार की गई है तथा  भारत देश के धारावाहिक स्थान का संरक्षण करना है 

केन्द्र सरकार द्वारा लांच की गई योजना राष्ट्रीय विरासत शहर विकास एवं वृद्धि योजना अर्थात ह्रदय योजना का मुख्य उद्देश्य  13 मुख्य शहरों 

जिनका नाम 

    No  शहर का नाम                    उनके लिए 

                                            आवंटित राशि

  1. अजमेर (राजस्थान)            40.05 cr
  2. अमरावती (आंध्र प्रदेश)       22.50 cr
  3. अमृतसर (पंजाब)              69.30 cr
  4. बादामी(कर्नाटक)              22.26 cr
  5. द्वारका(गुजरात)                22.66 cr
  6. गया(बिहार)                     40.06 cr
  7. कांचीपुरम (तमिलनाडु)        23.01 cr
  8. मथुरा(उत्तर प्रदेश)              40.00 cr
  9. पूरी(उड़ीसा)                      22.50 cr
  10. वाराणसी(उत्तर प्रदेश)          89.31 cr
  11. वैलंकन्नी (तमिलनाडु)           22.89 cr
  12. वेल्लोर(तमिलनाडु)              19.17 cr
  13. और वारंगल (तेलंगाना)         40.50 cr

लगभग भारत की मुख्य शहरों को शामिल किया गया है इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रमुख शहरों को विकास एवं पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रखरखाव तथा विरासत स्थलों का संरक्षण करने के लिए इस योजना को लागू किया गया है

इस योजना से शहरों के विकास एवं शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा तथा शहर की प्रमुख जरूरतों को इस योजना द्वारा पूर्ण किया जाएगा

हृदय योजना 2015 प्रोजेक्ट के तहत भारत के टूरिज्म पर्यटक को भी अत्यधिक फायदा पहुंचेगा इस योजना द्वारा केंद्र सरकार की यही उम्मीद है की इससे भारत के विदेशी संबंध एवं शहरीकरण को के आकर्षण को बढ़ावा मिले

इस योजना के अंतर्गत शामिल किए गए उपरोक्त शहरों में पूर्ण रूप से धार्मिक एवं विरासत स्थलों को विकसित किया जाएगा तथा वहां के रखरखाव एवं संरक्षण का दायित्व भी किसी विशेष संस्था द्वारा उठाया जा सकेगा

हृदय योजना 2015 के तहत शहरों के साफ सफाई सुरक्षा बिजली पानी खान पीन आदि सभी  प्रमुख जरूरतों को देखा जाएगा

केंद्र सरकार द्वारा हृदय योजना का पूरा खर्च उठाया जाएगा इस योजना को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लगभग 27 महीने का समय निर्धारित किया गया था जोकि पूर्ण नहीं हुआ है केंद्र सरकार द्वारा तय समय के अनुसार उपरोक्त वर्णित शहरों में 2017 तक पूर्ण विकास एवं उनके रखरखाव का काम पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन यह अभी तक भी फोन नहीं हो पाया इस वजह से यही योजना अब तक चली आ रही है

कितना मिलेगा इस योजना के अंतर्गत वर्णित शहरों को फंड 

केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय विरासत शहर विकास एवं वृद्धि योजना के अंतर्गत लगभग 500 करोड रुपए खर्च के जाएंगे जोकि शहर की जनसंख्या और क्षेत्रफल के हिसाब से होंगे उपरोक्त वर्णित 13 शहरों का अलग-अलग खर्च एवं बजट होगा जिसमें सबसे अधिक बजट वाराणसी का होगा क्योंकि वाराणसी क्षेत्रफल एवं जनसंख्या की दृष्टि से एक बड़ा शहर है तथा धार्मिक दृष्टि से यहां पर्यटक एवं विरासत इस लोक की संख्या भी अधिक है तथा जहां हर साल बहुत से लोग पर्यटन के लिए आते हैं इन्हीं उद्देश्यों के कारण वहां की सुविधाओं में अब तक हुई कमी एवं जरूरतों के को पूर्ण करने के लिए इस प्रकार की योजनाओं का अनावरण किया गया है

हृदय योजना 2015

वाराणसी में गंगा नदी के किनारे लोग धार्मिक दृष्टि से दर्शन के लिए आते हैं तथा वहां पर्यटक के आधार पर भी बहुत लोग आते हैं गंगा नदी के अलावा जहां भारत के प्रमुख 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग का भी एक प्रमुख विशाल मंदिर है जहां श्रावण मास के महाशिवरात्रि में विशेष पूजा अर्चना के कारण बहुत से लोगों का जन सैलाब इकट्ठा होता है

राष्ट्रीय विरासत शहर विकास एवं वृद्धि योजना

(हृदय योजना 2015) के लाभ

  • इस योजना के तहत शहरों को नए आकार में लाने का काम किया जाएगा तथा पुराने शहरों का प्रसिद्धि एवं पर्यटन की दृष्टि से आकर्षण का केंद्र बनाने की काम किया जाएगा इस योजना में युग का अंत विकास हो जाने से वहां के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा
  • शहरों के विकास तथा पर्यटन के साथ-साथ वहां के लोगों को अन्य सुख सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा जिससे वहां के निवासियों को एक आसान जिंदगी होने का एहसास होगा और उनके लिए रोजगार के भी रास्ते खुलेंगे
  • शहरों में रहने वाले लोगों तथा वहां के चीजों का इस्तेमाल करने वाले के लिए तथा शहरीकरण के विकास में बढ़ावा मिलेगा जिससे  लोगों का जीने का तरीका भी परिवर्तित होगा

हृदय योजना 2015

  • इस योजना से देश का टूरिज्म सिस्टम भी स्ट्रांग होगा जिससे देश में आमदनी बढ़ेगी तथा इस योजना को पूरा करने में सहायता मिलेगी
  • देश की आर्थिक स्थिति में भी तेजी से बदलाव आएगा
  • केंद्र सरकार के अनुसार इस योजना के अंतर्गत लगभग 450 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है जिसमें से लगभग 250 करोड रुपए केंद्र सरकार की तरफ से सैंक्शन हो चुके हैं

हृदय योजना 2015

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