सामूहिक विवाह योजना 2021 में पंजीकरण

MSVY YOJNA 2021

          MSVY YOJNA 2021          

             योजना के संचालन की रूपरेखा 

राजस्थान सरकार द्वारा हाल ही में जारी नई विवाह आर्थिक सहायता योजना के लिए एक नई योजना जारी की गई है जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों के द्वारा आर्थिक रूप से अक्षम परिवारो को सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होकर अपनी वर वधु का विवाह संपन्न करवा सकते हैं 

-MSVY YOJNA 2021  की क्रियाविधि की जानकारी:  

OTHER DETAILS 

“सीएम सामूहिक विवाह एवं अनुदान योजना 2021” के लिए आवश्यक जानकारी

1. इस विवाह सम्मेलन की योजना के आयोजन में नियम और शर्तों का विवरण नीचे दिए अनुसार  हैं

(i) सामूहिक विवाह समारोह के आयोजन करवाने के लिए अनुमति लेना  आवश्यक होगा  इसके लिए  किसी भी संस्था द्वारा सामूहिक विवाह अनुदान के लिए  आवेदन देने से पूर्व आयोजन हेतु सक्षम तथा संबंधित 

अधिकारी की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। 

(ii) सामूहिक विवाह आयोजन हेतु अनुमति :- कोई भी संस्था जब भी सामूहिक विवाह आयोजित करेगी, वह अनुमति हेतु सक्षम अधिकारी को प्रस्तावित विवाह आयोजन की तिथि से कम से कम 15 दिन पूर्व आनलाईन आवेदन करेगी।

MSVY YOJNA 2021

2. संबंधित संस्था द्वारा अनुमति एवं आज्ञा के लिए ऑनलाइन आवेदन में काम आने वाले दस्तावेज

इस योजना के अंतर्गत है इच्छुक व्यक्ति को  आवेदन करने वाला व्यक्ति आयोजन के कम से कम 15 दिन पहले ऑनलाइन आवेदन करवाना आवश्यक होगा

विवाह में जोड़ों की पात्रता की जानकारी तथा  ऑनलाइन अपलोड किए जाने वाले दस्तावेज निम्न प्रकार होंगे

(i) आयु प्रमाण पत्र: वर-वधू के वयस्क होने के साक्ष्य के रूप में आयु प्रमाण पत्र की प्रमाणित प्रति लगायी जानी आवश्यक होगी। आयु की पुष्टि के लिए सामान्यतः जन्म प्रमाण पत्र या बोर्ड परीक्षा प्रमाण पत्र मान्य होगा, अगर किसी के पास यह दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो तो इस  स्थिति में मतदाता फोटो पहचान पत्र / ड्राइविंग लाइसेंस / पासपोर्ट लगाया जा सकेगा। इनके अभाव में निर्धारित पहचान के दस्तावेज संलग्न करने होंगे। संदेह की स्थिति में अथवा उपर्युक्त प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होने पर मेडिकल ज्यूरिष्ट द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र को मान्यता दी जाएगी अगर जहां 10th के बोर्ड के रोल नंबर की जांच के लिए अनिवार्यता होगी वहां पर इसके के लिए छूट प्रदान की जाएगी

(ii) मूल निवासी होने के प्रमाण पत्रः वर या वधू के राजस्थान का मूल निवासी होने के प्रमाण पत्र की प्रमाणित प्रति संलग्न की जानी होगी।

 (iii) पहचान के लिए प्रमाण पत्रः वर या वधू की पहचान के लिए प्रमाण पत्र की प्रमाणित प्रति मूल निवास प्रमाण पत्र के अलावा आधार कार्ड/जन आधार कार्ड/ भामाशाह कार्ड (उपरोक्त तीन में से कोई एक) संबंधी दस्तावेज भी पहचान पत्र हेतु मान्य होंगे। 

(iv) अनापत्ति प्रमाण पत्र विवाह आयोजन हेतु संस्था द्वारा संबंधित क्षेत्र के  पुलिस थाने व समीपस्थ अग्निशमन केंद्र से अन आपत्ति का सर्टिफिकेट साथ में देना अनिवार्य होगा

इसमें विभागों द्वारा आवश्यक आवेदन के अनुसार  NOC को online  जारी करने की भी सुविधा दी जायेगी।

(v) वधू के Bank account की पास बुक की photo copy,  इस योजना में वधू को देय राशि के लिए उसका बैंक अकाउंट की जानकारी पास बुक की फोटा कॉपी  के साथ देनी होगी अगर किसी कारणवश विभाग द्वारा इस योजना में शामिल होने वाली वधू के खाता संख्या( account number) नहीं मिल पाते हैं तो  उन वधूओं का बैंक खाता विवरण सामूहिक विवाह आयोजन के

पश्चात् 60 दिन में प्रस्तुत किया जा सकेगा। विवाह आयोजन के पश्चात् विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए 60 दिन का समय दिया जाएगा। 

(vi) MSVY YOJNA 2021 में वधू को मिलने वाली सहायता राशि के लिए लिए उसका बैंक अकाउंट  को   पास बुक की फोटा  कॉपी के साथ देना होगा  इसके लिए विवाह में सम्मिलित वधू द्वारा  शादी से पहले बैंक खाता संख्या देना होगा  अगर किसी कारणवश अकाउंट नंबर नहीं दे पाए हो तो उन्हें अकाउंट संख्या खाता संख्या देने के लिए विवाह के बाद 60 दिन का समय दिया जाएगा।

विवाह आयोजन के बाद  विवाह के लिए registration प्रमाण पत्र देने  के लिए 60 दिन   का  समय दिया जायेगा

3. सामूहिक शादी आयोजन हेतु आयोजन स्थल के बारे में निम्न शर्तें लागू होंगी

विवाह के लिए आए सामूहिक जोड़े विवाह के  आयोजन के लिए विवाहित जोड़ों की आवश्यक पात्रता/योग्यता  की जानकारी का अनुलेख नीचे दिया गया है 

(i) विवाह स्थल का विवरण :- आवेदन के साथ विवाह स्थल का विवरण देना होगा जिससे विवाह में सम्मिलित होने वाले जोड़े और संभावित मेहमानों की संख्या के आधार पर विवाह स्थल की उपयुक्तता अर्थात विवाह स्थल का क्षेत्रफल वैवाहिक स्थल पर समुचित खुला स्थान है या नहीं, आदि का विवरण अंकित हो। विवाह स्थल पर वाहनों के आवागमन एवं पार्किग की सुविधा आयोजक के द्वारा ही की जाएगी यह उसकी खुद की जिमेदारी होगी । 

(ii) सुविधाएं :- विवाह सम्मेलन में सम्मिलित होने वाले  व्यक्तियों के लिए आवश्यक सुविधाएं जैसे पानी, बिजली, शौचालयों और सफाई आदि की उपयुक्त व्यवस्था आयोजक के द्वारा ही करवाई जाएंगी।

 (iii) आकस्मिक परिस्थितियों का निवारण:- किसी आकस्मिक घटना के घटित होने पर चिकित्सा सुविधा, अग्निशमन सुविधा एवं अन्य सहायता तुरंत उपलब्ध कराए जाने का प्रबंध आयोजक के द्वारा किया जाएगा। वैवाहिक स्थल पर आपातकालीन वाहन जैसे अग्निशमन / एम्बुलेंस वाहन आदि की सुगम पहुँच की व्यवस्था आयोजक के द्वारा की जाएगी। विवाह के आयोजन से पूर्व संस्था के द्वारा अग्निशमन(fire brigade ) संबंधित क्षेत्र की पुलिस (police) स्टेशन से की NOC लेना अनिवार्य होगा।

(iv) सार्वजनिक सुविधा एवं शांति की सुनिश्चितता किसी सार्वजनिक मार्ग या स्थल पर सार्वजनिक वाहनों या व्यक्तियों के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा अथवा शांति भंग होने की संभावना नहीं हो, ऐसी व्यवस्था आयोजक के द्वारा की जाएगी।

(v) विभाग द्वारा जरूरी है  विवाह अयोजन के पूर्व इसमें उपयोगी  आने वाली  अतिरिक्त सुविधाए  को भी चिन्हित करना आवश्यक होगा 

4: आवेदन की जांच

(i) क्षेत्र के संभंतित  अधिकारी द्वारा उस  विवाह के लिए  आए  आवेदनों का DACUMENT  के आधार

पर जांच करनी होगी।

(ii) जांच के पश्चात यदि आवेदन में किसी प्रकार की कमी या त्रुटि पाई गई  हो, तो संबंधित प्राधिकृत अधिकारी उसकी पूर्ति हेतु आवेदक संस्था को सूचित  करेंगे व आक्षेपों की पूर्ति  विवाह समारोह आयोजन से पूर्व अधिकतम 7 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से सही करवाई जाएगी।

(iii) आवेदन नियमानुसार उपयुक्त पाये जाने पर प्राधिकृत अधिकारी इस अभिशंषा के साथ कि संस्था अनुदान की पात्र है, प्रकरण अनुमोदनार्थ सक्षम अधिकारी को प्रस्तुतः-करेंगे।

(iv) पात्र संस्था द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह के दिन सक्षम अधिकारी या उसके द्वारा नामांकित अधिकारी विवाह स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेगा और अपनी रिपोर्ट निर्धारित प्रपत्र में प्रस्तुत करेगा।

5. सामूहिक विवाह आयोजन हेतु अनुमति (i) जिला कलेक्टर द्वारा सामूहिक विवाह के तहत दो तरह की अनुमति हेतु आवेदन प्राप्तः

किये जायेंगे। प्रथम वे संस्थाऐं जिन्हें सामूहिक विवाह आयोजन हेतु अनुमति चाहिए तथा दूसरी वे संस्थाऐ जो सामूहिक विवाह आयोजन की अनुमति के साथ अनुदान हेतु अनुमति चाहती है। ऑनलाईन आवेदन प्राप्त करने के उपरान्त प्राधिकृत अधिकारी उपनिदेशक / सहायक निदेशक महिला अधिकारिता या राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत अधिकारी आवेदनों की उपयुक्त जाँच कर रिपोर्ट सक्षम अधिकारी जिला कलेक्टर या उनके मनोनीत प्रतिनिधि को प्रस्तुत करेगा उनसे अनुमति के उपरान्त प्राधिकृत अधिकारी संस्था को ऑनलाईन अनुमति देगा या अनुपयुक्त पाये जाने पर निरस्त करेगा। यह प्रक्रिया ऑवेदन की दिनांक से अनुमति देने तक सात कार्यदिन में सम्पादित करना सुनिश्चित किया जायेगा। यदि इस समय सीमा में ऑनलाईन प्रकरण को ( अनुमति या निरस्त) के रूप में निस्तारित नहीं करने की स्थिति में अर्थात आवेदक संस्था ऑनलाईन सूचना नहीं देने की स्थिति में स्वतः अनुमति मानी जायेगी।

(ii) जिला कलेक्टर या उनके द्वारा मनोनीत प्रतिनिधी से अनुमति प्राप्त करने के पश्चात् प्राधिकृत अधिकारी द्वारा अनुमति पत्र की प्रति निम्न को सूचनार्थ दी जाएगी : 

(i) प्राधिकृत संबंधित अधिकारी;

(ii) क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक,

(iii) मुख्य कार्यकारी अधिकारी(CEO), / जिला परिषद,  (Zilla Parishad), 

(iv) तहसीलदार ,

(v) विकास अधिकारी;

(vi) संबंधित क्षेत्र का नगर निकाय का कार्यालय अधिकारी (RELATED OFFICER)

(आयुक्त या अधिशाषी अधिकारी)

 (vii) संबंधित क्षेत्र का प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, (PHC/CHC),

(viii) विवाह पंजीयन अधिकारी;

चूंकि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, अतः सभी को उस पोर्टल से ही लिखित सूचना प्रति भेजी की जायेगी। सभी अधिकारीगण website se ek click करके स्वयं भी इसको देखने में सकेगे।.

MSVY YOJNA 2021

 6.  इससे जुड़ी संस्था द्वारा इससे जुड़े अधिकारियों तथा उनसे जुड़े कार्यलयो को सूचित किया जाएगा

सामूहिक विवाह आयोजन हेतु अनुमति मिलने के पश्चात आयोजक संस्था 2 दिन मे आवश्यक रूप से क्षेत्र के संबंधित अधिकारियों / कार्यालयों ( उपरोक्त बिन्दु संख्या 5 में वर्णित समस्त) को पूर्ण जानकारी  सहित जिसमें विवाह समारोह स्थल का पूरा पता, तथा सम्पर्क व्यक्ति के बारे में जानकारी  और मोबाइल  नंबर सहित पूरी जानकारी की  सूचना देगी।

7. विवाह समारोह के  आयोजन के समय वहा उपस्थित  अधिकारी तथा वहा के समस्त  प्रतिनिधि व विवाह पंजीयन अधिकारी (Marriage Registration Officer) की उपस्थिति सक्षम अधिकारी, विवाह आयोजन के समय स्वयं उपस्थित रहेंगे या अपना प्रतिनिधि भेज सकेंगे जो आयोजन की स्थिति के संबंध में निर्धारित प्रपत्र में रिपोर्ट देगा उसके लिए सम्बन्धित अधिकरी आयुक्त प्रतिनिधि के रूप में तहसीलदार(Tehsildar), / ब्लॉक विकास अधिकारी(Block Development Officer), ब्लॉक प्रारम्भिक जयपुर, (Block Preliminary Jaipur) /

शिक्षा अधिकारी,/बाल विकास परियोजना अधिकारी अथवा अन्य ब्लॉक स्तरीय अधिकारी / सुपरवाईजर (महिला एवं बाल विकास विभाग) को नामित किया जा सकेगा। आयोजन में आयोजन स्थल पर विवाह पंजीयन अधिकारी की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जायेगी। संस्था स्वयं अपने स्तर से यह सुनिश्चित करेगी कि उक्त आयोजन में होने वाले विवाहों के पंजीकरण हेतु राजस्थान विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 2009 (2009 का अधियोजनासंख्याक 16 ) के अंतर्गत समस्त दस्तावेज विवाह पंजीयन आवेदन के साथ संलग्न कर दिये गये है। विवाह आयोजन के पश्चात विवाह पंजीयन हेतु 60 दिन का समय दिया जाएगा।

8. विवाह पश्चात अनुदान हेतु आवेदन:

पात्र संस्था द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह आयोजन समाप्त होने के बाद विवाहों का पंजीकरण करवा कर संस्था द्वारा अनुदान भुगतान हेतु ऑनलाईन सूचना अपलोड किया जाएगा। आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज संलग्न किये जायेंगे।

(i) संपन्न हुए विवाह में शामिल होने वाले सभी जोड़ों की लिखित  लिस्ट। 

(ii) विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र( marriage registration certificate) की प्रमाणित प्रतियां ।

(iii) आवेदन के समय अपलोड किये गए DACUMENT  की हार्ड कॉपी(फोटोकॉपी) करवा कर संबंधित जिले के Women’s Empowerment Office(महिला अधिकारिता कार्यालय) में जमा करवानी पड़ेगी ।

9 अनुदान का भुगतान – 4. प्राधिकृत अधिकारी द्वारा संस्था को IFMS के माध्यम से अनुदान का भुगतान स्वीकृति जारी होने के उपरान्त योजना के अनुसार 30 कार्यदिन में बजट उपलब्धता के आधार पर किया जाएगा।

“सीएम सामूहिक विवाह एवं अनुदान योजना 2021” / MSVY YOJNA 2021

MSVY YOJNA 2021  के अन्दर  विवाह आयोजन के दिन पर तुरंत भुगतान प्रणाली के द्वारा ₹10 हजार का भुगतान लाभार्थी के बैंक खाते में साथ के साथ किया जाएगा  तथा राशि रु तीन हजार रूपए का  भूगतान सबंधित संस्थाओं को बजट की उपलब्धता को देखते हुवे उसी आधार पर किया जाएगा। संस्थाओं द्वारा विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र 60 दिन तक प्रस्तुत किये जाने पर राशि रूपये 5000/- का हस्तान्तरण वधू के खाते में किया जायेगा। और अगर 60 दिन के भीतर मैरिज सर्टिफिकेट विभाग के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया तो से सहायता राशि कप्तान विभाग द्वारा नहीं किया जाएगा तथा शेष भूगतान राशि को निरस्त कर दिया । परन्तु अगर कोई वधू पक्ष द्वारा विवाह प्रमाण पत्र देने में असमर्थ हो तो उसे दी गई पहली किस्त की राशि को पुनः लौट आना नहीं पड़ेगा

5. संस्था द्वारा समस्त औपचारिक बिन्दुओं की पूर्ति हो जाने पर प्राधिकृत अधिकारी द्वारा 15 दिन के भीतर राशि को भुगतान हेतु प्रेषित कर दिया जाना होगा। बजट की उपलब्धता होने के बावजूद यदि किसी भी कार्मिक या अधिकारी के स्तर पर इससे अधिक विलम्ब होगा तो उसके लिए वह उत्तरदायी माना जायेगा।

6. किसी भी बिन्दु पर किसी वांछित शर्त की पूर्ति न होने पर उसकी लिखित रूप में सूचना संस्था को दी जायेगी तथा इसका ऑनलाइन रूप में भी अंकन आवश्यक रूप से किया जायेगा।

यदि संस्था द्वारा प्रेषित सूची में निर्धारित शर्त अनुसार संख्या में जोड़ों की वांछित शर्तों की पूर्ति कर दी जाती है, तो उतनी संख्या तक के भुगतान को अन्य की प्रतीक्षा में रोका (रश्मि ‘ जायेगा अधिकारिता विभाग उस संख्या तक उनका भुगतान स्वीकृत कर दिया जायेगा। आयुक्त थान, जयपुर

नोट:- विशेष अपरिहार्य परिस्थितियों में नियमों में शिथिलन प्राप्त किया जाना आवश्यक हो तो उप / सहायक निदेशक की संपूर्ण रिपोर्ट के आधार पर जिला कलक्टर के स्तर से शिथिलता दी जा सकेगी। शिथिलता हेतु प्रस्ताव विवाह आयोजन के 90 कार्यदिन में प्राप्त होने आवश्यक है। 90 कार्यदिवस की अवधि के पश्चात प्राप्त होने वाले प्रस्तावों पर विचार नही किया जायेगा ।

10. सूचना एवं व्यय विवरण

सामूहिक विवाहों के लिए दी गई अनुमति की सूचना उप / सहायक निदेशक, महिला अधिकारिता द्वारा ऑनलाईन रूप में दर्ज की जायेगी और उप / सहायक निदेशक, महिला अधिकारिता इस योजना के अंतर्गत अनुदान हेतु प्राप्त आवेदन उनके निस्तारण एवं व्यय की सूचना प्रत्येक माह की 10 तारीख तक या जो भी विभाग द्वारा समय समय पर निर्धारित हो, उसके अनुसार निदेशालय को भिजवायेंगे ।

OTHER YOJANA 

Leave a Comment