मुख्य्मंत्री विवाह वित्तीय सहायता योजना 2021

Vivah aundan yojna 2021

Vivah aundan yojna 2021

 विवाह अनुदान योजना 2021

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह एवं अनुदान योजना, 2021

CM marriage financial help scheme 2021

1. प्रस्तावना :-

विवाहों में होने वाले अपव्यय(अतिरिक्त खर्चे को) को कम करने के लिए राज्य में सामूहिक विवाह के आयोजनों को प्रोत्साहित करने हेतु मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा सामूहिक विवाह एवं अनुदान योजना सत्र 2021 से प्रारंभ की जा रही है। इस योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य बाल विवाह को रोकना भी है।

2. योजना का नाम एवं लागू करने की समय अवधि :-

इस योजना का नाम मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह एवं अनुदान योजना, 2021 / Vivah aundan yojna 2021 रखा, इस योजना का  कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण राजस्थान राज्य होगा। यह योजना राजस्थान सामूहिक विवाह अनुदान नियम, 2018 के स्थान पर लाई गई है तथा  इस आदेेश  द्वारा तुरंत  से लागू की जाती है।

3. योजना का स्वरूप :-

योजना अन्तर्गत राज्य में सामूहिक विवाह के आयोजनों को प्रोत्साहित करने हेतु इस प्रकार का आयोजन कराने वाली संस्थाओं को निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण करने पर राज्य सरकार द्वारा लाभ उपलब्ध कराना है। 

जिससे समाज में चल रहे अतिरिक्त खर्चों के अलावा प्रथाएं जिनसे मिडिल क्लास और गरीब तबके को मजबूरी में आकर नुकसान उठाना पड़ता है उन सभी बातों से छुटकारा मिलेगा

योजनान्तर्गत के अन्तर्गत क्षेत्र केवल  राजस्थान राज्य का होगा।

4. पात्रता की शर्तें :-

विवाह  अनुदान योजना 2021  के लिए आवश्यक सामान्य पात्रता इस प्रकार से होंगे

 (i) इस योजना में विवाह के लिए पुरुष की कम से कम आयु 21 और अधिक से अधिक कितनी भी हो सकती है निर्धारित नहीं तथा महीला की आयु न्यूनतम 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए महिला के लिए भी अधिकतम का कोई प्रावधान नहीं किया गया। 

 (ii) लड़का या लड़की दोनो में से कोई भी एक राजस्थान  का मूल निवासी होना आवश्यक है । अगर ऐसा नहीं है तो उन्हें इस योजना के अंतर्गत लाभ नहीं मिलेगा

 (iii) इस योजना में मिलने वाली सहायता राशी के लिए  वे ही विवाह मान्य होंगे, जो नियमानुसार शादी के लिए registration करवाया होंगे 

उक्त शर्तों के भीतर विभिन्न आयोजक संस्थागत आवेदकों के लिये पात्रता, अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि आदि से संबंधित अन्य शर्ते तथा प्रक्रिया विभाग द्वारा निर्धारित की जाने वाली योजना के क्रियान्वयन की मार्गदर्शिका के अनुसार होंगी।

5. योजना क्रियान्वयन एजेन्सी :-

महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्तर्गत महिला अधिकारिता निदेशालय योजना के लिए कियान्वयन एजेन्सी होगा। इस योजना का संचालन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय राजस्थान सरकार द्वारा किया जाएगा

6.  इस योजना से जुड़े  महत्वपूर्ण  बाते :-

आयुक्त विभाग द्वारा जब तक कि विषय या संदर्भ में किसी प्रकार की   अपेक्षित नही की गई  हो या कोई आदेश नहीं दिया गया हो तब तक निम्न शर्तों के अनुसार विवाह संपन्न करवाए जाएंगे

(i)   Vivah aundan yojna 2021 में सामूहिक विवाह का अर्थ ‘ एक ही स्थान पर एक ही समय में लगभग 

10 से  500 तक  वैवाहिक  वर वधु के जोड़ों के विवाह का आयोजन एक साथ  करने से है।

 (ii) तथा संबंधित सक्षम अधिकारी जो की  ( जिला कलक्टर या उनके उपखण्ड अधिकारी) होंगे  या उन अधिकारी से है जो राजस्थान राज्य सरकार द्वारा जन सामान्य आदेश से अथवा जिला कलक्टर द्वारा विशेस आदेश द्वारा सामूहिक विवाहों के लिए  अनुमति प्रदान करता हो।

(ii) प्राधिकृत अधिकारी से अभिप्राय उप निदेशक, समेकित बाल विकास सेवाएं उप निदेशक / सहायक निदेशक, महिला अधिकारिता अथवा ऐसे अधिकारी से है जिसे राज्य सरकार द्वारा इस योजना की क्रियान्विति हेतु प्राधिकृत किया जाए।

(iv) निदेशालय का संबंध निदेशालय महिला अधिकारिता उद्यमी से है। 

(v) प्रपत्र से का अर्थ इस योजना के अंतर्गत उपयोग आने वाले  प्रपत्र से है। 

(vi) इस योजना के अधिसूचना में ‘सरकार’ से अभिप्राय राजस्थान सरकार की कार्य विधि  से है। 

(vii) राज्य शब्द  से इस योजना में , राजस्थान राज्य से है। 

(viii) सामूहिक विवाह आयोजन कराने वाली संस्था संस्था  ऐसे सार्वजनिक एवं गैर-शासकीय संगठन से है,  – राजस्थान लोक न्यास अधिनियम, 1959 (1959 का 42 ) के अन्तर्गत ट्रस्ट के रूप में रजिस्टर्ड हो एवं राजस्थान राज्य केका  किसी भी पद पर  कार्य करता  हो ।

7. ऑनलाईन आवेदनः~ केसे करें आवेदन  Vivah aundan yojna 2021 में

(i) संस्था द्वारा सामूहिक विवाह आयोजन हेतु अनुमति के लिए विवाह की तिथि से न्यूनतम 15 दिवस पूर्व ऑनलाईन आवेदन करना होगा। इसके साथ वांछित दस्तावेज जैसे वर-वधू के आयु प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, पहचान पत्र बैंक खातों का विवरण इत्यादि संलग्न किये जाने होगे। जैसा कि योजना की अधिसूचना में बताए अनुसार होगा ।

(ii) संस्था द्वारा सामूहिक विवाह आयोजन की अनुमति हेतु ऑनलाइन आवेदन में विवाह के जोड़ो की संख्या में आवेदन की तिथि से 7 दिवस पूर्व तक परिवर्तन किया जाना संभव हो सकेगा अर्थात उसके उपरान्त जो भी आवेदन प्रस्तुत किये जायेगें उनमें दर्शित जोड़ों की संख्या में परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा। (iii) संस्था द्वारा सभी वधूओं के बैंक खातों का विवरण यदि ऑनलाइन आवेदन में

दिया जायेगा तो विवाह उपरान्त प्राधिकृत अधिकारी द्वारा विवाह के समय उपस्थित सक्षम अधिकारी के प्रतिनिधि की रिपोर्ट के आधार पर वधू के खाते में 10000 /- का हस्तान्तरण IFMS के माध्यम से किया जायेगा। वधू के खाते में 10000/- की राशि के हस्तान्तरण के उपरान्त ही संस्था को देय राशि प्रति जोड़ा 3000/- को हस्तान्तरण किया जायेगा।

यह स्पष्ट किया जाता है कि अनुदान की उपरोक्त अंकित राशि प्राप्त करने हेतु सामुहिक विवाह अनुमति हेतु ऑनलाइन आवेदन के अतिरिक्त राशि जो 5000/ विवाहित वधू विवाह पंजीयन के उपरान्त देय होगी उसके लिए पंजीयन पत्रायोजक संस्था या वधू द्वारा ऑनलाइन अपलोड करते ही उसके बैंक राजस्थान, जयपु राशि का भुगतान हस्तान्तरित हो जायेगा।

आने वाली समस्याओं के दृष्टिगत यदि अन्य कोई संशोधन किया जाना आवश्यक हो तो सक्षम स्तर से प्रशासनिक अनुमोदन उपरान्त विभाग द्वारा संशोधन किया जा सकेगा।

विवाह  अनुदान योजना 2021

12. नियमों का निष्प्रभावी होना :

इस योजना के लागू होने के पश्चात राजस्थान सामूहिक विवाह एवं अनुदान योजना, 2018 तथा उनके अनुसरण में समय समय पर संशोधन / स्पष्टीकरण एवं निर्देश स्वतः  निष्प्रभावी

 माने जाएंगे। पर पूर्व में जारी परन्तु मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह एवं अनुदान योजना, 2021* के प्रभावी होने से पूर्व संपन्न सामूहिक विवाह के प्रकरणों का निस्तारण राजस्थान सामूहिक विवाह एवं अनुदान योजना 2018 के प्रावधानानुसार ही किया जाएगा।

इस योजना के बारे में नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करेन विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते है 

Vivah aundan yojna 2021

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह एवं अनुदान योजना 2021 पीडीएफ

इस योजना के अंदर मिडिल क्लास लो केटेगरी के तबके को लाभ मिल सकेगा क्योंकि सामूहिक विवाह सम्मेलन में उन्हें प्रीतिभोज नहीं देना पड़ेगा उसके साथ दहेज प्रथा जैसी कुप्रथा उनका भी अंत होगा तथा किसी गरीब व्यक्ति को प्रीतिभोज के लिए मजबूरी का सामना नहीं करना पड़ेगा

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